विदिशा में 1901 में पहली बार रामलीला का मंचन शुरू हुआ था। तब से अब तक यह रामलीला हर साल मकर संक्राति के दिन से शुरू होती है
आजादी की लौ जलाने और लोगों का भगवान पर भरोसा बनाएं रखने के लिए 1901 में पहली बार विश्वनाथ प्रसाद शास्त्री ने विदिशा में रामलीला शुरू थी
पहली बार बनाया अपना संविधान
यह देश की पहली ऐसी रामलीला समीति है जिसका अपना संविधान है। इस रामलीला के बारे में मप्र के गेजेटियर में भी जिक्र किया गया है।
छोड़ देते हैं परिवार
लगभग 25 साल से रावण का किरदार निभा रहे जगदीश नारायण शर्मा कहते हैं कि मैं रामलीला के लिए एक माह तक पूरी शिद्दत से काम करता हूं।
मंच पर नहीं मैदान में उतरते हैं किरदार
इस रामलीला की खास बात यह है कि 115 सालों से यह रामलीला एक ही स्थान पर आयोजित हो रही है। विदिशा के स्टेडियम में रामलीला के लिए कोई विशेष मंच नहीं बनाया जाता।

श्रीराम लीला मेला समिति विदिशा आप सभी का हार्दिक हार्दिक स्वागत करती है

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लीला क्रम वर्ष - 2018 

विदिशा में 1901 में पहली बार रामलीला का मंचन शुरू हुआ था। तब से अब तक यह रामलीला हर साल मकर संक्राति के दिन से शुरू होती है।

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संक्षिप्त इतिहास

 संस्था "रामलीला" शब्द का प्रयोग न कर रामायण मंचन के नाम से प्रस्तुति देती है, ताकि इसमें अच्छे कुलीन घर के लोग, स्त्री एवं पुरुष, दूरदर्शन व सिने कलाकार भी सम्मिलित होकर यह पुनीत कार्य कर  
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रामलीला विधान

यह देश की पहली ऐसी रामलीला समीति है जिसका अपना संविधान है। इस रामलीला के बारे में मप्र के गेजेटियर में भी जिक्र किया गया है। रामलीला की खासियत यह है कि आजादी के पहले से ही इसका अध्यक्ष जिले के कलेक्टर को बनाया जाता है।


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भव्य मेला

भव्य मेला लगता है आमतौर पर हम दशहरा में रामलीला होने की बात जानते हैं लेकिन विदिशा में मकर संक्राति से रामलीला शुरू होती है। 

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नेचुरल होता है मेकअप

रामलीला के कलाकारों को सजाने का जिम्मा विश्वेवर शर्मा और मनमोहन शर्मा का है। वे कलाकारों को तैयार करने के लिए नेचुरल रंगों का इस्तेमाल करते हैं.

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छोड़ देते हैं परिवार

लगभग 25 साल से रावण का किरदार निभा रहे जगदीश नारायण शर्मा कहते हैं कि मैं रामलीला के लिए एक माह तक पूरी शिद्दत से काम करता हूं।

लीलायें वीडियोस

Amazing 116 year old special ramleela in vidisha Madhya Pradesh

इंद्र-मेघनाथ युद्ध 

संस्थापक और प्ररेणास्त्रोत

  • 1
  • 2
संस्थापक

संस्थापक

स्व. पं. श्री विश्वनाथ जी शास्त्री  (प्रथम धर्माधिकारी)  

संस्थापक

संस्थापक

   स्व. पं. श्री चंद्रशेखर जी शास्त्री  (द्वितीय धर्माधिकारी)

प्ररेणास्त्रोत

प्ररेणास्त्रोत

स्व. पं. श्री चंद्रमोलि जी मिश्र (शास्त्री)  

कार्यक्रम विडियो

कार्यक्रम विडियो

कार्यक्रम विडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें    

 

भविष्य की योजनाएँ

  • (1) धार्मिक पुस्तकालय का सन्चालन 
  • (2) मानस भवन निर्माण
  • (3) वृद्धा आश्रम निर्माण
  • (4) चिकित्सा सुविधाएँ
    (5) जानकी कुंज विकास

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